Monday, June 22, 2026

एक और प्यार आ गया

 


निगाहें उठीं तो उसकी नज़र से,

मासूमियत का एक ख़्वाब सा उतर आया...

उसे देखा तो लगा जैसे,

दिल को फिर से प्यार करना आ गया।

उसकी आँखों में वो सादगी थी,

जैसे सुबह की पहली किरण हो...

उसकी मुस्कान में वो जादू था,

जैसे सूखे दिल पर सावन बरस गया हो।

न जाने कैसी कशिश थी उसमें,

जो लफ़्ज़ों से बयान न हो पाई...

बस एक पल उसे देखा और,

ज़िंदगी में एक और मोहब्बत आ गई।



— कवयित्री: मायंग्लंबम मरीना लैमारेम्बी

No comments: